Theology

फ्रायड की वैचारिक शक्तिफ्रायड की वैचारिक शक्ति

प्रसिद्ध चिन्तक फ्रायड ने अपनी जीवनी में लिखा है कि एक बार वे अपनी पत्नी व् छोटे से बच्चे के साथ बगीचे में घूमने गए {...}

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वर्ण व्यवस्था ईश्वर रचित ?वर्ण व्यवस्था ईश्वर रचित ?

यत्पिंडे तत्ब्रम्हांडे” जैसा शरीर है वैसा ही ब्रम्हांड है |हजारों वर्ष पहले भारतीय मनीषियों ने गहन अध्ययन कर के यह निष्कर्ष निकाला था कि प्रत्येक {...}

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संबिधान सभा के सभापति और अध्यक्ष के भाषण की प्रासंगिकतासंबिधान सभा के सभापति और अध्यक्ष के भाषण की प्रासंगिकता

भारत में व्यबस्था की स्थिरता इस बात पर निर्भर करती है कि उस का संचालन करने वाले किस तरह के हैं | संचालनकर्ताओं की प्राथमिकता {...}

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शिव जी का संकट मोचन रूपशिव जी का संकट मोचन रूप

(पुराणों से कहानियाँ ) भगवान शिव ने समस्त भोगों का त्याग कर रखा है लेकिन जो भी उन की उपासना करता है चाहे वह कोई {...}

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ब्राह्मण शुद्र स्त्री से विवाह कर सकता है ?ब्राह्मण शुद्र स्त्री से विवाह कर सकता है ?

(मनु स्मृति -अध्याय 2 श्लोक २३८) श्रद्धधान : शुभां विद्यामाददीताबराद्पि || अन्त्याद्पि परं धर्म स्त्रीरत्न दुष्कुलादपि || श्रध्दायुक्त हो शुभ कहिये जिस की शक्ति देखी {...}

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आत्मा -परमात्माआत्मा -परमात्मा

मनुष्य हमेशा प्रतिदिन की बातचीत में कई बार मैं शब्द का प्रयोग करता है लेकिन आश्चर्य है कि प्रतिदिन मैं और मेरा शब्द का कई {...}

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भक्ति योग का स्वरूपभक्ति योग का स्वरूप

प्रकृति ,पुरुष और महातत्व आदि के लक्षण सांख्य शास्त्र में कहे गए हैं तथा जिस के द्वारा उन का वास्तविक स्वरूप अलग अलग जाना जाता {...}

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वैराग्य,धारणा,ध्यानवैराग्य,धारणा,ध्यान

भौतिक सुखों के विषयों के प्रति उदासीनता विकसित करना वैराग्य है जिस ने सभी सांसारिक सुख और मोह माया का त्याग कर दिया है वह {...}

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सनातन धर्मसनातन धर्म

धार्यते इति धर्म:जो धारण किया जाये वह धर्म है ,समाज में मनुष्य जीवन के प्रति जो धारणा बनाता है वही उस का धर्म है |गीता {...}

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सृष्टी और मैंसृष्टी और मैं

सृष्टी से पहले यह जगत जिसे हम यूनिवर्स कहते हैं अंधकार में लीन और अज्ञात अर्थात जिसे जाना न जाये और अलक्षण अर्थात जो चिन्ह {...}