Uncategorized
भारत में आर्य आगमन निराधार हैभारत में आर्य आगमन निराधार है
आज से प्राय: कुछ सौ वर्ष पहले पूर्व प्रख्यात भाषाविद मैक्समूलर तथा उस के अनुयायों ने आर्यवाद की कहानी रची है | यह कहानी पूर्णत: {...}
Uncategorized
आज से प्राय: कुछ सौ वर्ष पहले पूर्व प्रख्यात भाषाविद मैक्समूलर तथा उस के अनुयायों ने आर्यवाद की कहानी रची है | यह कहानी पूर्णत: {...}
Uncategorized
श्रीकृष्ण का द्वारका गमन -सम्पूर्ण सृष्टि को उज्जीवित करने वाले श्री हरी परस्पर क्ल्हाग्नि से दग्ध कुरुवंश को पुन: अंकुरित कर और युधिष्ठर को उनके {...}
Uncategorized
युधिष्ठर आदि का भीष्म जी के पास जाना और श्रीकृष्ण की स्तुति करते हुए भीष्म का प्राण त्याग करना -महाभारत का युद्ध समाप्त होने पर {...}
Uncategorized
गर्भ में परीक्षित की रक्षा ,कुंती द्वारा भगवान की स्तुति और युधिष्ठर का शोक -पांडव श्रीकृष्ण के साथ अपने युद्ध में मरे भाई बन्धुओं के {...}
Uncategorized
अश्वथामा द्वारा द्रौपदी के पुत्रों का मारा जाना और अर्जुन द्वारा अश्वथामा का मानमर्दन – जिस समय महाभारत युद्ध में कौरव और पांडव दोनों पक्षों {...}
Uncategorized
नारद जी के पूर्वचरित्र का शेष भाग – व्यास जी की जिज्ञासा नारद जी की शेष आयु कैसे व्यतीत हुई और मृत्यु के समय उन्होंने {...}
Uncategorized
महऋषि व्यास जी ने महाभारत की रचना की थी ,वे धर्म आदि पुरुषार्थों से परिपूर्ण थे ,सनातन ब्रह्म तत्व को भी जानते थे ,समस्त गोपनीय {...}
Theology
छान्दोग्योपनिषद में शाण्डिल्यऋषि का तत्व ज्ञान दार्शनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है | शाण्डिल्य सृष्टि मीमांसा में चरम सत्य तज्जलान को प्रथमत: सिध्द करते हैं | {...}
Uncategorized
इस वर्तमान चतुर्युगी के तीसरे युग द्वापर में महऋषि पराशर के द्वारा वसु-कन्या सत्यवती के गर्भ से भगवान के अवतार व्यास जी का जन्म हुआ {...}
Uncategorized
सृष्टि के आदि में भगवान् ने लोकों के निर्माण की इच्छा से पुरुष रूप धारण किया | उस में दस इन्द्रियां ,एक मन और पांच {...}